माँ, बेटी का रिश्ता
माँ,
Hello friends,
I'm M.k
in this post i tell you the relation of mother and daughter.
if you want to read dad and daughter relation so i
have already post the relationship of father and
daughter so like the post and leave a comment.
start our blog:
रिश्ता माँ बेटी का!
दोस्तों, माँ बेटी का रिश्ता बहुत अलग होता है,
एक माँ अपने बच्चे को अपने कोख में 9 महीने रखती है।
रिश्ते सभी अनोखे होते है पर माँ ओर बेटी का रिश्ता
सबसे अलग होता है क्योंकि माँ ओर बेटी जैसे रिश्ता
दुनिया मैं कही देखने को नहीं मिलेगा;
माँ अपनी बेटी को वो सभी संस्कार देती है जो वो खुद सिख चुकी होती है ।
एक बेटी को इतना प्यार करती है उसकी सारी ज़िद पूरी
करती है हमारी कहानी ही एक एसी माँ पर है जो खुद
दुनिया के सभी दुख जेलती है पर अपनी बेटी को सारे सुख देने की कोशिश करती है ।
तो चलिए शुरू करते है हमारी कहानी माँ की ज़ुबानी
एक माँ होती है जो single माँ होती है क्योंकि उनके पत्ती
की असमय मृत्यु हो जाती है घर वाले बहुत समझाते है
की तुमे अब दुबारा शादी कर लेनी चाहिए पर वो बिल्कुल
मना कर देती है । ओर अपनी छोटी सी बच्ची को लेकर
बहुत दूर चली जाती है ओर एक नई जॉब करना शुरू
कर देती है वही छोटी सी बच्ची अब 5 साल की हो गई
कोन माँ अपने बच्चे को सारी ख़ुशियाँ देना नहीं चाहेंगी ।
वो भी चाहती थी की उसकी बच्ची खुश रहे पर भगवान
को कुछ ओर ही मंज़ूर था एक दिन वो 5 साल की बच्ची
खेलते खेलते गिर गई । ओर किस्मत देखिए गिरते ही
बच्ची खुद ही उठ गई । माँ उस समय अपने बच्चे के पास
नहीं थी, अगले दिन माँ के ऑफ़िस की छुट्टी थी बस यही
एक छुट्टी का दिन माँ के लिए बहुत अनोखा होता था जिस
दिन माँ ओर बेटी एक साथ खेलते ओर मस्ती करते ।
माँ सुबह - सुबह तैयार हो गई। यही कुछ 9 बज रहे होंगे
की बेटी अचानक से रोने लगी ओर माँ ने कई बार पूछा
की क्या हुआ, बच्ची सिर्फ कहती की मेरे सर में दर्द हो
रहा है।
माँ परेशान हो गई ओर तुरंत उसे hosptial ले गई । वह
बच्ची का c.t scaan हुआ ओर डॉक्टर ने तुरंत ही बता
दिया की बच्ची के सर में कोई नस दब गई है जिस कारण
बच्ची के दिमाग में Blood flow बहुत तेजी से बह रहा है
ओर माँ चुप ही रह गई ओर जब डॉक्टर ने उन्हे ये कहा
की इसे बचाना बहुत मुश्किल है कब ये आप को छोड़
कर चली जाए कुछ नहीं पता।
माँ परेशान हो गई ओर कहा आप कुछ भी कीजिए इसे
बचा लीजिए इसके सिवा मेरा यहाँ कोई नहीं है। अगर
इसे कुछ हुआ तो मैं भी मार जाउगी । please इसे बचा
लीजिए इसके ऑपरेशन में जितना भी पैसा लगेगा में सब
देने के लिए तैयार हुं बस इसे बचा लीजिए।
डॉक्टर ने साफ साफ इनकार दिया की हम risk नहीं ले सकते हमे माफ़ कीजिए।
अब बेचारी माँ क्या करती वह अपनी बच्ची को घर ले गई
ओर शांति से एक कोने में बैठ गई बच्ची अचानक से माँ
के पास आई ओर कहा चलो ना खेलते है कल आप की
छुट्टी नहीं होगी ओर आप बिजी हो जाओगे ।
ये बात सुन माँ के आँखों में सिर्फ आँसू ही आँसू थे।
क्योंकि उसकी बच्ची ये भी नहीं जानती थी की वह बहुत
जल्दी मरने वाली है।
माँ जल्दी से खड़ी हुई ओर बच्ची के साथ खेलने लगी ओर
बच्ची खेलते खेलते थक गई । माँ हर पल बच्ची के साथ
ही रहना चाहती थी। रात को सोते वक्त उसने अपने
परिवार वाले को फोन किया ओर कहा की रिया बहुत
जल्दी हमे छोड़ कर जाने वाली है तो आप सब उससे
आकार मिल लीजिए ।
ओर पूरी रात टेंशन के मारे की जब वह सो रही हो तो
उसकी बच्ची को कुछ चाहिए होगा तो वह किससे मागेगी, या जैसे ही वह सो जाएगी तो उसकी बच्ची कही उसे
छोड़ के ना चली जाए इसी टेंशन में वह पूरी रात नहीं सोई
दो दिन के बाद उसके माता-पिता अपनी बेटी से मिलने
आए ओर जब उन्होने घर की बेल बजाईं तो किसी ने
gate नहीं खोला। लड़की के माता-पिता डर गए की
उनकी बेटी गेट क्यों नहीं खोल रही है। लड़की के पिता
चाबी बनवाने वाले के पास गए ओर उसे लेकर आए जब
gate खुला तो देखा की दोनों की अकाल काये मृत्यु हो गई थी ओर मृत्यु कैसे हुई ये डॉक्टर ने पोस्टमॉर्टम करने
के बाद बता दिया की माँ की डेथ heart attack के कारण
हुई है ओर बेटी की डेथ blood flow ज्यादा होने की
वजह से हुई है ।
आप जानते है माँ को heart attack क्यों आया नहीं पता
जब इंसान हद ज्यादा सोचने लग जाता है तो इंसान के
दिल का cerculation सही से नहीं चलता तो इंसान को
दिल का दोरा पड़ना आम बात होती है । ओर ज्यादा
सोचने के कारण उसे दिल को दोरा पड़ा ओर पास में
कोई उसी जान बचाने वाला भी नहीं था।
इस कहानी ना motive ही यही है की आप समझ सके
की एक माँ अपने बच्चे चाहे वो लड़का हो चाहे लड़की
तो अपनी माँ का खयाल रखिए।
अगर आप को कोई ऐसा person दिखे जो अपनी माँ, बाप
को मारता पीटता है तो उसकी complain police station में कीजिए ।
So I hope you love the content of story so like the story content .
this story is created by M.k
and you know the full form of m.k Manisha.kumari
Thank you.
M.k
Comments
Post a Comment